रविवार, 10 मई 2020

संस्कृत में आभ्यान्तर प्रयत्न,Practice in sanskrit

संस्कृत में आभ्यान्तर प्रयत्न
  • प्रयत्न दो प्रकार के हैं-एक आभ्यन्तर प्रयत्नऔर दूसरा बाह्य-प्रयत्न।

यत्नो द्विधा- 

आभ्यन्तरः

बाह्यः च।                                                                                 आभ्यान्तर-प्रयत्न            

                          आद्य: पञ्चधा - स्‍पृष्‍टेषत्‍स्‍पृष्‍टेषद्वि‍वृतवि‍वृतसंवृतभेदात् ।

  •  इनमें से प्रथम अर्थात् आभ्‍यन्‍तर प्रयत्‍न पांच प्रकार का होता है । स्‍पृष्‍ट, ईषत्‍स्‍पृष्‍ट, ईषद्विवृत, विवृत और संवृत । 

,वर्णों के उच्चारण से पहले किये जाने वाले आन्तरिक प्रयास को आभ्यन्तर यत्न कहा जाता है।
  • सवर्ण संज्ञा के लिए स्थान और प्रयत्न का ज्ञान होना आवश्यक है।

                   1.स्पृष्ट प्रयत्न

                  स्‍पृष्‍टं प्रयत्‍नं स्‍पर्शानाम् - 

स्‍पृष्‍ट प्रयत्‍न स्‍पर्शवर्णों का होता है ।

1- स्‍पृष्‍ट - (जिह्वा का उच्‍चारण स्‍थानों पर स्‍पर्श होना ।)

(स्‍पर्श वर्ण - क्, ख्, ग्, घ्, ड्., च्, छ्, ज्, झ्, ञ्, ट्, ठ् ड्, ढ्, ण्, त्, थ्, द्, ध् न्, प्, फ्, ब्, भ्, म्)

  कु चु टु तु पु (उदित् वर्ण) का है।

              2.   ईषत्‍स्‍पृष्‍टमन्‍त:स्‍थानाम् - 

 ईषत्‍स्‍पृष्‍ट प्रयत्‍न अन्‍तस्‍थ वर्णों का होता है   

जिह्वा का उच्‍चारण स्‍थानों को  थोडा सा स्‍पर्श करना ईषत्स्पृष्ट कहलाता है।

अन्‍तःस्‍थ वर्ण - य्, र्, ल्, व् 

      3. ईषद्विवृत

                ईषद्विवृतमूष्‍मणाम्

   ईषद्विवृत प्रयत्‍न ऊष्‍म वर्णों का होता है । 

    वर्णोच्‍चारण में कण्‍ठ का थोडा खुलना ईषद्विवृत कहलाता है।

          ऊष्‍म वर्ण - श्, ष्, स्, ह

                       4.विवृत

    विवृतं स्‍वराणाम् 

                    विवृत प्रयत्‍न स्‍वरों का होता है      .    वर्णोच्‍चारण में कण्‍ठ का पूरा खुलना 

    स्‍वर वर्ण - अ, आ, इ, ई, उ, ऊ, ऋ, लृ, ए,           . ओ, ऐ, औ   


                        5.संवृत 

ह्रस्‍वस्‍यावर्णस्‍य प्रयोगे संवृतम्, प्रक्रियायां तु विवृतमेव -

केवल ह्रस्‍व अ का उच्‍चारण संवृत होता है, प्रक्रिया में अ का प्रयोग विवृत ही होता है ।

वर्णोच्चारण में कण्‍ठ का न खुला हुआ प्रतीत होना ।

  हृस्‍व अ - हस्‍व अ के उच्‍चारण में मुख खुलता हुआ प्रतीत नहीं होता है इसलिये उच्‍चारण में इसका प्रयत्‍न संवृत है किन्‍तु प्रक्रिया (प्रयोग) की दशा में इसका प्रयत्‍न विवृत ही होता है ।

https://youtu.be/UPx6y5DMac4



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